
पाकिस्तान (Pakistan) के प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इमरान सरकार के बीच हुआ संघर्ष विराम समझौता (cease-fire agreement) टूट जाने के बाद TTP की तरफ से पहला किया गया है। इस हमले में पाकिस्तानी पुलिस बल का एक जवान गंभीर रूप से जख्मी हुआ है वही दूसरे की मौके पर मौत हो गयी। यह हमला पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त (Khyber Pakhtunkhwa province) में हुआ था।
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रवक्ता Mohammad Khurasani ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। आपको बता दे कि शुक्रवार को TTP के प्रमुख मुफ़्ती नूर वली महसूद (Muti Noor Wali Mehsud) ने संघर्ष विराम के समाप्ति की घोषणा कर दी थी। पाकिस्तानी सरकार द्वारा धोखा दिए जाने के कारण TTP ने यह निर्णय लिया है।
क्या था समझौता?
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इमरान सरकार के बीच यह समझौता हुआ था, इस समझौते के तहत इसी वर्ष 9 नवंबर को दोनों पक्ष संघर्ष विराम (cease-fire) ले लिए राज़ी हुए। इस दौरान पकिस्तान सरकार ने TTP के लड़ाकों को छोड़ने का वायदा किया था।
पाकिस्तान सरकार ने इस समझौते का पालन तो नहीं किया बल्कि इसके ठीक विपरीत पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने TTP के कई लड़ाकों को मार गिराया। इस समझौते के दौरानपाकिस्तानी आर्मी ने TTP के कई ठिकानों पर छापेमारी कर उन्हें आर्थिक चोट पहुंचाने की भी कोशिश की।
सरकार के इस रवैये से गुस्साए TTP के प्रमुख मुफ़्ती नूर वली महसूद ने शुक्रवार को एक प्रेस स्टेटमेंट जारी कर अपने लड़ाकों से सुरक्षाबलों पर फिर से हमले शुरू करने को कह दिया था। महसूद ने अपने स्टेटमेंट में कहा कि पकिस्तान सरकार इस समझौते का सम्मान करने में विफल रही है और ऐसे में इस समझौते का विस्तार किया जाना असंभव है।
हमले का दूसरा पहलु
जब यह हमला हुआ तब ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रांत के टैंक जिले में पोलियो का टीकाकरण अभियान चल रहा था। पांच दिनों तक चलाये जाने वाले इस अभियान के दूसरे ही दिन TTP के दों लड़ाकों ने कैंप पर हमला कर दिया था। आतंकवादी संगठन में भाग लेने वाले अधिकतर मुजाहिद मानते है कि पोलियो व अन्य टीके पश्चिमी देशों की साजिश है और इससे बच्चों की नसबंदी की जा रही है ताकि वह आबादी ना बढ़ा सकें।
Cease-Fire हटाए जाने के बाद TTP का दूसरा हमला
TTP ने शनिवार रात एक और हमले को अंजाम दिया है। TTP ने दावा किया है कि आज रात उत्तरी वजीरिस्तान की मिराली तहसील में उसके लड़ाकों ने 6 पुलिस वालो को मार गिराया है। हालांकि अभी तक वजीरिस्तान पुलिस ने इस बात की कोई पुष्टि नहीं की है।